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दुनिया में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलेंगे जो घरानाव अपने परिवार में से देश की आजादी के लिए शीर्षस्थ नेता देता हों देश को तीन -तीन प्रधानमंत्रियों को देने वाला परिवार हो ,उस परिवार के पास वर्तमान समय में अपना कोई घर नहीं है , राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में जब 2 साल की सजा सुनाई गई ,उनकी संसद की सदस्यता ही नहीं गई , अपितु जिस घर में वह रहे थे, वह भी उन्हें खाली करना है ।एक भाऊक बयान में राहुल गांधी ने कहा उन्हें नही पता घर खाली करके कहां जाएंगे। पर वे समझ रहे थे के जिस बंगले में वह रह रहे थे उसी को वह अपना घर समझ रहे थे , उन्हें हकीकत का एहसास हो रहा है कि वह बंगला उनका अपना घर नहीं है, वह उन्हें बतौर लोकसभा सदस्य के नाते आवंटित हुआ था, जिसे लोकसभा में सदस्यता से निलंबित कर दिए जाने के बाद उन्हें खाली करना है ।देश देश में ऐसे उदाहरण बहुत कम मिलेंगे कि जिस घर से प्रधानमंत्री हुए हो उस घर के पास अपना कोई घर नहीं है,। आज जब कोई व्यक्ति जिला पंचायत का सदस्य बन जाता है तो वह भी किसी शहर में अपने लिए घर बना लेता है किंतु अरबों रुपए का उनका पैतृक आवास इलाहाबाद का आनंद भवन उनकी दादी इंदिरा गांधी ने राष्ट्र को समर्पित कर दिया अब गांन्धी परिवार उससे से महरूम है । अब उनके पास अपना कोई भी निजी आवास नहीं है बड़े आश्चर्य की बात है कि कांग्रेस पार्टी को भ्रष्टाचार के आरोप में आपनी सत्ता गंवानी पड़ी थी ,और सत्ता के शीर्ष में गांधी परिवार ही था यह भी आश्चर्य की बात है उस दौर में भ्रष्टाचार के जो आरोप लगे उन आरोपों में किसी को भी अब तक एक दिन की भी सजा नहीं हुई है ।देश में वर्तमान में भाजपा की सरकार पहली बार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बनी थी ।हालांकि दूसरी बार जब सरकार राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आई थी, वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व को भाजपा की सरकार का सूत्रधार माना जाता है उन पर आरोप है कि वह सरकार धार्मिक पक्षधरता से बनी है , पर मोदी सरकार को राहुल की चुनौती सिवीकार नही थी , उनके एक गुजराती विधायक ने राहुल गाधी पर जातिगत मानहानि का आरोप लगाया । जिसमे उन्हे सजा मिली और चौबीस घन्टे ले कम समय में उनकी सदस्यता चली गई ।

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