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काग्रेस नेता राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा कर रहे है यात्रा का ऐजेन्ड़ा सामाजिक सदभाव देश की अर्थनीति व बेरोजगारी है यह यात्रा अपना असर भी दिखा रही थी कि अचानक इस बीच विहार के शिक्षा मन्त्री चन्द्रशेखर सिह ने रामायण को नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ बताकर सनसनी फैला दी। उन्होंने मीड़िया के परिचर्चा के लिये मंण्डल व कमन्डल का ऐजेन्ड़ा सैट कर दिया । इस प्रकरण मे काग्रेस नेता व कल्कि पीठाधीस्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन ने भी हाथोहाथ लिया है व विहार के शिक्षा मन्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज करने के लिये तमाम थानों व पुलिस के उच्चाधिकारियों को पत्र लिखे है । एक प्रकार से राजनीति के केन्द्र मे बेरोजगारी , महंगाई ,ऩफरत व घृणा के बजाय फिर से राम आ गये है । देश के साधु सन्त चन्द्रशेखर के खिलाफ खड़े हो गये है तो अम्बेदकर वादियों का शिक्षा मन्त्री के पक्ष में आना तय है ।

राहुल गांधी देश की राजनीति मे तभी सफल हो सकते है जब इस परिचर्चा के साथ जुड़कर अपने मुद्दों को परिचर्चा में ला सके अन्यथा मीड़िया ने अपना ऐजेन्ड़ा तय कर लिया है , प्रगतिशीलता व जनमुद्दो से देश का मानस कोसो दूर है । वे सभी संगठन देश की राजनीति में हाँसिये पर है जो केवल व केवल जनमुद्दों को राजनीति का आधार बनाते है । पं ज्वाहर लाल नेहरू ने जो देश मे पन्थ निर्पेक्ष राजनीति का ऐजेन्ड़ा चलाया था वह सरकारों के लिये है ना कि रानैतिक दलों के लिये , भारत सरकार का आचरण आज भी पन्थ निर्पेक्ष ही है ,सरकार किसी भी सरकारी योजना में धर्म के आधार पर भेदभाव नही करती सरकारी योजनाये देश के हर नागरिक के लिये होती है , ना कि किसी विशेष धर्म के लिये ।

भारत मे राम राजनीति के केन्द्र में हमेशा से रहे है हिन्दु मुस्लिम एकता के लिये । देश की राजनीति व स्वतन्त्रता आन्दोलन में समर्पित रहे महात्मां गांधी को भी यह जताना पड़ा कि वह सबसे बड़े रामभक्त है । ऱाम धुन से वह लोगो को रिझाया करते थे राममनोहर लोहिया तो रामायण मेला लगाया करते थे । राजीव गांधी ने भी अयोध्या मे विवादित ढांचे का ताला खुवाया था वहा पूजा पाठ आरम्भ करायी थी हालांकि कमंन्डल समुह ने इसे एक बड़ा राजनैतिक मुद्दा बनाकर कांग्रेस के लिये मुशीबतें खड़ी कर दी ,राम का नाम ले लेकर संघ परिवार देश मे बी जे पी को एक बड़ा राजनैतिक दल बनाने मे कामयाब हो गया । आज देश मे बीजे पी की सरकार है तो राज्यों में मण्डल के पैरवीकार बड़े नेता है , । ऐसे मे राम को य़दि छोड दिया जाय तो फिलहाल बी जे पी की देश मे राम के बिना कोई ऱाजनैतिक जमीन नही है । यद्यपि संघ प्रमुख मोहन भागवत संघ को मुस्लिम समाज मे भी लोकप्रिय बनाने का ऐजेन्ड़ा तय कर रहे है किन्तु यह भविष्य का राजमैतिक ऐजेन्ड़ा है पिछले कई दिनों से भारत जोड़ो यात्रा के माध्यम से सुर्खिया बटोर रहे राहुल गांधी की राजनीति मंण्डल व कमंण्डस में उलझती हुई नजर आ रही है हालांकि आचार्य प्रमोद कृष्णन के माध्यम से काग्रेस ने निवाद मे इन्ट्री की है पर प्रमोद कृष्णन काग्रेस का चेहरा ही नही अपितु एक धर्माचार्य भी है ।

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