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जब 3 दिन के विधायक व सांसद को मिल सकती पेंशन तो अन्य कर्मचारी को क्यों नहीं – मनोहर सिंह नेगी

आज नगर पालिका परिषद अल्मोड़ा के सभागार में पूर्व पैरामिलिट्री कल्याण समिति की एक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में सभी पैरामिलिट्री बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी, सीआईएसएफ, एआर जिले के सभी स्थानों से पूर्व पैरामीटर के सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में विचार-विमर्श किया गया कि आगामी रणनीति क्या होगी। वहां पर तय हुआ कि देश और प्रदेश की सरकारें यूसीसी कानून की तैयारी कर रही हैं, परंतु 2004 के बाद भर्ती पैरामिलिट्री के सदस्यों को पेंशन क्यों नहीं दे रही हैं। जब 3 दिन के विधायक व सांसद को शपथ लेने के बाद पेंशन दी जा सकती है, तो एक कर्मचारी को क्यों नहीं? हर नागरिक को समान कानूनी अधिकार मिलने चाहिए। वे समयोजन ने बताया कि सीमाओं की सुरक्षा बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी कर रही हैं। देश के अंदर सीआरपीएफ कानून व्यवस्था लागू कर रही है। सीआईएसएफ देश के मुख्य स्थानों की सुरक्षा कर रही है। इसलिए भेदभाव क्यों? राज्य और केंद्र सरकारें हमें वह सुविधाएं क्यों नहीं दे रही हैं, जो सेना के सेना निवृत्त कर्मचारियों को दी जा रही हैं। जल्द ही केंद्रीकृत लिकर व्यवस्था की शुरुआत होने जा रही है, और जब वे दो सेना दलों के कर्मचारियों के बीच एक दूसरे के कैंटीन की सुविधा समान हो जाएगी। इसके अलावा, देहरादून में बनने वाले सैन्य धाम और शहीद स्मारक में पैरामिलिट्री के शहीदों के नाम को भी अंकित किया जाना चाहिए। पैरामिलिट्री की कैंटीन को भी जीएसटी से मुक्त किया जाना चाहिए। कुमाऊं में केंद्रीय स्वास्थ्य योजनाओं की सुविधा को जल्द से जल्द संचालित किया जाना चाहिए। सीआईएसएफ के सेना सदस्यों को भी लिकर की सुविधा दी जानी चाहिए। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक तिमाही में बैठक होगी और आगामी बैठक अक्टूबर माह में होगी।

बैठक में के डी पांडे, हरीश रावत तारीखेत, रमेश नेगी द्वाराहाट, महेंद्र सिंह ताकुल, आर पी जोशी, हर्षवर्धन चौधरी, दीवान सिंह बिष्ट, रामनाथ, फतेह सिंह, डूंगर सिंह, नारायण सिंह, भीम सिंह, जगदीश मेनाली, बी डी सनवाल, किशोर अधिकारी, नाथू सिंह बोरा, भीम सिंह, किशन सिंह, के एस अधिकारी, जी सी मेनाली, जगदीश ओझा आदि मौजूद रहे। बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष मनोहर सिंह नेगी व संचालन रूप सिंह बिष्ट द्वारा किया गया।

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