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अल्मोड़ा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने लोकसभा चुनाव को लेकर हमारे संकल्प नाम से अपना घोषणा पत्र (अपील) जारी किया है। उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने 11 बिंदुओं में अपनी पार्टी के उद्देश्यों कार्यक्रमों को जारी करते हुए कहा कि चिपको, वन बचाओ, नशा नहीं रोजगार दो, राज्य आंदोलन व समाज के सभी तबकों को जन आंदोलनों की कोख से निकली परिवर्तन पार्टी भ्रष्ट धन तंत्र पर आधारित प्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन चाहती है।
हमारे संकल्प:-

  1. प्राकृतिक संसाधनों व जमीनों पर जनता के अधिकार सुनिश्चित करने, भाजपा सरकार द्वारा बनाए गए कृषि भूमि के असीमित खरीद के काले कानून को रद्द करने, बेनाम भूमि को ग्राम समाज को सौंपने और पूर्वोत्तर राज्यों की तरह उत्तराखंड राज्य को संविधान के अनुच्छेद 371 का संरक्षण प्रदान करना।
  2. पर्वतीय क्षेत्रों की खेती- किसानी हमारे जीवन का प्रमुख आधार रही है जिसे सुनियोजित रूप से सरकारी नीतियों से नष्ट किया गया है उसे पुनर्जीवित करते हुए जंगली जानवरों से खेती की रक्षा सुनिश्चित करने पर जोर।
  3. युवा बेरोजगारों को योग्यता अनुसार काम व सम्मानजनक बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था करना और रोजगार को मौलिक अधिकार बनाने हेतु संघर्ष।
  4. कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाली सुनिश्चित करना और गोल्डन कार्ड के नाम पर हो रही लूट को समाप्त करना।
  5. सरकारी नौकरियों सहित अन्य क्षेत्रों में रोजगार की ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करने, आशा, ग्राम प्रहरी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजन माताओं, पीआरडी जवानों जैसे सभी कार्यकर्ताओं को न्यूनतम वेतनमान- रु 21000.00 करने की व्यवस्था करना। हम अग्निवीर योजनाओं को सेना व युवाओं की भविष्य के लिए उचित नहीं समझते।
  6. सभी के लिए समान गुणवत्तापूर्ण निशुल्क स्वास्थ्य व शिक्षा व्यवस्था के साथ इस हिमालयी राज्य में दिल्ली की तरह बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाओं की गारंटी सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर उसमें प्राप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करना।
  7. जन्म के आधार पर हर तरह के भेदभाव की समाप्ति, गरीबों, वंचितों, महिलाओं, पिछड़े क्षेत्रों व फेरी- फड़ विक्रेताओं के अधिकारों का संरक्षण और सभी के लिए गरिमा पूर्ण जीवन व नागरिक अधिकारों की सुरक्षा की गारंटी की व्यवस्था।
  8. पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ कर ग्राम, क्षेत्रों व जिला सरकार का दर्जा देने और क्षेत्र प्रमुखों व जिला पंचायत अध्यक्षों का चुनाव सीधी जनता द्वारा तय करना।
  9. भ्रष्ट एवं धनतंत्र पर आधारित चुनाव प्रक्रिया में आमूल चूल परिवर्तन हेतु संघर्ष करना।
  10. सांप्रदायिकता और जाति के आधार पर सुनियोजित तरीके से ध्रुवीकरण और समाज में फैलाए जा रहे वैमनस्य को रोकना।
  11. उपपा देश में सरकार द्वारा लोकतांत्रिक परंपराओं के हनन, विपक्षी नेताओं, सामाजिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ, जांच एजेंसियों के दुरुपयोग, चुनावी चंदे, इलेक्शन बॉन्ड में हुए महा घोटालों की उच्चतम न्यायालय की देख रेख में एसआईटी जांच एवं लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग के खिलाफ संघर्ष जारी रखेगी।

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