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अल्मोड़ा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की राज्य में सशक्त भू कानून लाने की घोषणा पर टिप्पणी करते हुए कहा यदि प्रदेश सरकार वास्तव में राज्य की जमीनों को माफिया से बचाना चाहती है तो उन्हें उनकी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा 2018 में लाए गए कृषि भूमि की असीमित खरीद के कानून को तत्काल निरस्त करना चाहिए।
उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड के प्राकृतिक संसाधनों, जमीनों पर प्रभावशाली लोगों का कब्जा कराने में सबसे बड़ी भूमिका सरकारों की रही है। पिछले 23 वर्षों में सरकारों ने बहुत बड़े पैमाने पर स्वयं व जिलाधिकारियों के माध्यम से इसकी अनुमति दी है लेकिन उनके द्वारा शासनादेशों के उल्लंघन करने के बाद सरकार नियमानुसार उनकी जमीनें जब्त नहीं कर रही है इसका एक बड़ा उदाहरण अल्मोड़ा जिले के डांडा कांडा में प्लीजेंट वैली फाउंडेशन है जिसके कारनामों को जानने के बावजूद भी सरकार चुप्पी साधे है जबकि गरीबों व बेसहारा लोगों को रोज बुलडोजर चला कर उजाड़ा जा रहा है।
उपपा अध्यक्ष ने कहा कि यदि धामी जी वास्तव में जमीनें बचाना चाहते हैं तो उन्हें बताना चाहिए कि विभिन्न संस्थाओं को दी गई जमीनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए 2 साल में वांछित कार्यवाही न करने पर जमीन जब्त करने की शर्त क्यों हटाई गई। उपपा ने मांग की कि राज्य बनने के बाद विभिन्न संस्थाओं, प्रभावशाली राजनेताओं, नौकरशाहों को आवंटित की गई जमीनों पर सरकार को श्वेत पत्र लाना चाहिए ताकि जनता को सच्चाई का पता चल सके और दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

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