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हल्द्वानी आज यहां मुखानी चौराहे के पास ट्रिपल जे संस्थान में हुई उत्तराखंड अवधारणा एवं भू कानून विषय पर राज्य आंदोलन की ताकतों की बैठक में उत्तराखंड की जनता से प्राकृतिक संसाधनों, जमीनों पर यहां के मूल निवासियों के अधिकारों के लिए संघर्ष में एकजुट होने का आह्वान किया। उपपा एवं संघर्षशील ताकतों की पहल पर आयोजित इस बैठक में भाजपा के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत की सरकार के दौरान बनाए गए काले कानून को निरस्त करने, राज्य को संविधान की धारा 371 का संरक्षण प्रदान करने, पूंजीपतियों, प्रभावशाली लोगों को आवंटित जमीनों पर श्वेत पत्र जारी करने के साथ राज्य बनने के बाद जल, जंगल, ज़मीन पर जनता के अधिकारों पर कटौती करने वाले कानूनों को वापस लेने की मांग की गई।
ट्रिपल जे संस्थान में संगोष्ठी का प्रारंभ करते हुए उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने कहा कि उत्तराखंड में मूल निवास व सशक्त भू कानून के मुद्दे पर राज्य में पैदा हुए जन असंतोष को व्यापक परिपेक्ष्य में समझने की जरूरत है। यह मूलतः राज्य की अस्मिता एवं अवधारणा से हुए खिलवाड़, खेती, जमीनी, बेरोजगारी, मूल भूत सुविधाओं के अभाव से पैदा हुआ है। इन सब विषयों पर गहराई से विचार करने की आवश्यकता है।
संगोष्ठी के आयोजकों श्री भुवन चन्द्र जोशी, एडवोकेट मोहन काण्डपाल ने तमाम आगंतुकों का स्वागत करते हुए कहा राष्ट्रीय पार्टियों की गलत लूट खसोट की नीतियों ने उत्तराखंड को खोखला कर दिया है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता उत्तराखंड आंदोलन के वरिष्ठ नेता पी सी जोशी, उक्रांद की विजया ध्यानी ने की। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता बच्ची सिंह बिष्ट एवं उपपा के महामंत्री दीवान सिंह खनी ने किया।
संगोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार जगमोहन रौतेला ने उत्तराखंड राज्य के लिए संघर्ष करने वाली ताकतों से एकजुट होकर जन आकांक्षाओं को पूरा करने का आह्वाहन किया।
करीब 4, 5 घंटे चली बैठक में उमेश तिवारी विश्वास ने कहा कि आज देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर ही खतरा बढ़ गया है।
संगोष्ठी में उक्रांद के वरिष्ठ नेता भुवन जोशी, पहाड़ी आर्मी के नेता हरीश रावत, परिजात नौड़ियाल, उपपा महासचिव दिनेश उपाध्याय, उछास की भावना पांडे, महेश जोशी…….विचार रखे।
इस दौरान 28 जनवरी को हल्द्वानी में होने वाली महारैली को समर्थन देते हुए, रैली को सफल बनाने और उसे आम लोगों के मुद्दों से जोड़ते हुए उत्तराखंडी सोच की सभी ताकतों को एकजुट करने की जरूरत है जिसके लिए एक समिति का भी गठन किया गया।
आज की बैठक में कई संगठनों ने विचार विमर्श में शिरकत की। एडवोकेट प्रकाश चन्द्र जोशी, इंदर सिंह मनराल, जगमोहन सिंह रौतेला, लीला बोरा, श्याम सिंह नेगी, मदन सिंह मेर, विनोद जोशा, उत्तम सिंह बिष्ट, रवि वाल्मीकि, प्रकाश चंद फुलोरिया, उमेश तिवारी (विश्वास), पहाड़ी आर्मी के हरीश रावत, राष्ट्रीय लोक दल के पंडित मोहन काण्डपाल, डॉ कैप्टन एम सी तिवारी, भावना पाण्डे, भूपाल सिंह धपोला, विशन दत्त सनवाल, दर्शन बडौला, जगत सिंह डोबाल, शैलेन्द्र सिंह दानू, अक्षत पाठक, पारिजात, बसन्त पाण्डे, प्रदीप कुमार, चन्द्र शेखर टम्टा, दिनेश उपाध्याय, ललिता बोरा, दयाल जोशी, मुन्नी देवी, लक्षिता बोरा आदि ………..

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