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अल्मोड़ा उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस पर उत्तराखंड लोक वाहिनी ने आज उन शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि दी जिनके संघर्ष के बलबूते पर उत्तराखंड राज्य स्थापित हुआ इस अवसर पर आयोजित एक सभा में वाणी के नेताओं ने कहा की उत्तराखंड राज्य बने हुए 23 साल व्यतीत हो गए हैं किंतु अभी भी राज्य की स्थापना के लक्ष्य को प्राप्त करने में पीछे रहा है यह राज्य पर्वतीय क्षेत्र के अपेक्षित विकास को दुरुस्त करने के लिए स्थापित किया गया किंतु इन 23 वर्षों में उत्तराखंड राज्य पलायन बेरोजगारी तथा उपेक्षा का धांशीधर झेल रहा है वाहिनी नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड में मूल निवास 1950 लागू किया जाना चाहिए उत्तराखंड के विकास के लिए हिमाचल की तर्ज पर फल पट्ट्यों का विकास प्राथमिकता से होना चाहिए उत्तराखंड की राजधानी स्थापित होनी चाहिए और पहाड़ में बड़े उद्योगों के बजाय आईटी सेक्टर के उद्योगों को बढ़ावा दिया जाना चाहिए इस अवसर पर राज्य निर्माण में मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को न्याय दिए जाने उसे कांड के दूसरे को दंडित किए जाने की भी मांग की गई। पहाड़ों से हो रिप्लाई को चिंता जनक बताते हुए वहां नेताओं ने कहा यह देश की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा खतरा है जानवरों के आतंक से पर्वतीय क्षेत्र को निजात दिए जाने की बजाय इधर सेंचुरी के नाम पर विभिन्न प्रजाति के बंदों का प्रत्यारोपण किया जा रहा है बड़ी संख्या में बंदर और स्थली सुरों की आबादी किसानों को परेशान कर रही है तो बाघों का आतंक भी लोगों को बहुत परेशान कर रहा है।बैठक एड़ जगत रोतेला की अध्यक्षता मे हुई संचालन पूरन चन्द्र तिवारी ने किया ।. इस अवसर पर जंग बहादुर थापा , अजय मेहता , अजय मित्र विष्ट , दया कृष्ण काण्डपाल, रेवती बिष्ट ,विशन दत्त जोशी , पूरन चन्द्र तिवारी , एड जगत रौतेला मोहम्मद हारिस आदि उपस्तिथ थे ।

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