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अल्मोड़ा। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय में गुरुवार से आरंभ हुई दस दिवसीय सामुदायिक कार्यशाला का समापन मंगलवार को शैक्षिक भ्रमण के साथ हुआ।
सामुदायिक कार्यशाला के दौरान बीएड व एमएड प्रशिक्षुओं ने स्वच्छता कार्य, जागरूकता संबंधी विषयों पर पोस्टर निर्माण, पलायन, युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति व विलुप्त होती लोक संस्कृति जैसे विषयों पर जानकारी हासिल की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो सतपाल सिंह बिष्ट ने भी सामुदायिक कार्यशाला में पहुचकर संकाय की वार्षिक पत्रिका ‘सृजन’ का विमोचन किया गया। वहीं कार्यशाला का समापन सभी प्रशिक्षणार्थियों को चितई गोलू मंदिर, जागेश्वर धाम व झाँकर सैम मंदिर में शैक्षिक भ्रमण पर ले जाकर किया गया। शैक्षिक भ्रमण में प्रशिक्षणार्थियों ने केदारनाथ शैली में बने जागेश्वर धाम, अष्टधातु से बनी मूर्तियों, कत्यूवंश, चंदवंश, मंदिरों के इतिहास, लोक संस्कृति आदि के बारे में जानकारी प्राप्त की। शिक्षणार्थियों द्वारा मंदिरों के प्रांगण में भजन-कीर्तन कर लोक संस्कृति को बढ़ाया गया। विभागाध्यक्ष व संकायाध्यक्ष प्रो भीमा मनराल ने सामुदायिक कार्यशाला को उत्साह व उमंग के साथ समूह समन्वय व कौशलों का विकास करने का साधन बताया। कार्यशाला के दिवसों में विभिन्न अतिथिगण, विभागाध्यक्ष प्रो भीमा मनराल, डॉ रिजवाना सिद्‌दीकी, डॉ संगीता पवार, डॉ ममता असवाल, डॉ. नीलम, डॉ ममता काण्डपाल, डॉ देवेन्द्र चम्माल, मनोज कुमार, सुत्री अंकिता, सुश्री विनीता लाल, ललिता रावल, सुश्री सरोज जोशी व संकाय के समस्त प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

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