Loading

आगामी लोकसभा चुनावो को देखते हुवे , देश की सबसे अधिक सांसदों वाली भा ज पा मे आगामी लोकसभा चुनावों को देखते हुवे , । सर्वे के आधार पर प्रतिकूल आंकलन मे सामने आ रहे परिणामों के आधार पर वर्तमान सांसदो की छटनी का काम आरम्भ हो गया है , सूत्रों के आधार पर पार्टी इस बार चुनावों मे नये चेहरो को अवसर देना चाहती है । पार्टी की सर्वे मे ऐसे वर्तमान सांसद जो जनता के बीच अपने कार्यशैली को लेकर विवादित है उनके टिकट कटने की प्रबल संभवनाये है ।जिसके बाद वर्तमान 303 में से कई सांसदों की नीद उड़ी हुई है । पार्टी उन सांसदो पर भी नजर गडाये हुवे है जो बार -बार चुनाव जीत रहे है । पिछले साढे चार सालों के कार्यकाल में मोदी सरकार के दो वर्ष कोरोना की भेंट चढ गये। जिससे सामान्य जन जीवन अस्त -ब्यस्त रहा ,किन्तु देश मे मोदी -साह की जोड़ी ने कोरोना की सारी नकारात्मक , भावनाओं को सरकार के पक्ष में मोड़ दिया , देश मे मोदी एक लोकप्रिय नेता के रूप मे अपनी अपराजेय , छवि बना चुके है अत: टिकनट कटने पर भी किसी नेता मे इतनी हिम्मत नही बची है, कि वह मोदी -साह की जो़डी का विरोध कर सके ,।

यदि देखा जाय तो देश देश में स्थानीय व राष्ट्रीय मुद्दे इस समय गौण हो गये है ,धार्मिक मुद्दे प्रमुखता से उठाये जा रहे है , मोदी की छवि हिन्गुस्तान मे सबसे बड़े हिन्दु नेता की बनाई गई है । बी जे पी की कोशिस सफल हो रही है कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी की छवि को राष्ट्रीय अन्तर्राष्ट्रीयता ही नही धार्मिक क्षेत्र में भी सर्वोपरि नेता के रूप में स्थापित कर दिया जाय, ।नेतृत्व ने इस मामले मे सफलता भी अर्जित कर ली है , अब सबसे बडा कार्य यह है कि प्रमुख विपक्षी दल काग्रेस को हिन्दु विरोधी पार्टी घोषित कर दिया जाय । यदि देखा जाय तो देश मे मीड़िया मोदी सरकार की मुठ्ठी मे है , अब देश में वही मुद्दा जनता मे चर्चित हो जाता है ,जिसे नरेन्द्र मोदी उछाल देते है ,इसी आधार पर मोदी साह व नड़्डा को यह ज्ञात है कि यदि बड़ी संख्या मे सांसदो के चिकट काट भी दिये गये तो , उन्हे कमसे कम पार्टी के भीतर से चुनौती नही मिलने वाली , इसका एक संन्देश यह भी जायेगा कि बी जे पी कामचोर नेताओ को बर्दास्त करने वाली नही है ।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.