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अल्मोड़ा हल्द्वानी में विगत दिवस हुई घटना पर उत्तराखंड लोक वाहिनी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए इस प्रबृति को लोकतंत्र के लिये दुखद घटना बताया है वाहिनी ने सभी से शान्ति बनाये रखने की अपील की है । उ लो वा का कहना है कि यहघटना सरकार के खुफिया तंन्त्र की बिफलता है ।डामर की सड़कों पर एकाएक पत्थरो की बरसात होना , यह साबित करता है कि हल्द्वानी की घटना एक सुनियोजित घटना है । न्यायालय की आदेश पर अतिक्रमण हटाने के लिये गई टीम को किस स्तर का प्रतिरोध सहना होगा इसका आंकलन करने के बाद ही कोई कदम उठाना चाहिये । देश में जिस तरह का सामप्रदायिक माहौल बन रहा है , यह देश व प्रदेश के हित में नहीं है अतः वाहिनी मांग करती है , कि घटना की निस्पक्ष जांच कर दोषियो के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए ।तथा घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच की जाए अतिक्रमण के सवाल पर वा हिनी ने कहा कि हल्द्वानी में एकाएक अतिक्रमण नहींहुवा है । यह वर्षों की एक सतत प्रक्रिया का हिस्सा है। राज्य बनने के पिछले 20 वर्षों में मैदानी जनपदों में जो जनसंख्या का घनत्व बड़ा है यह इस बात का प्रतीक है कि लाखों लोग पलायन करके राज्य रे भीतर से ही मही अपितु भारत के विनिध प्रदेशो से यहा पर आ कर बस गये है । हल्द्वानी की यह घटना साबित करती है की उत्तराखंड को मूल निवास तथा वह कानून की सख्त आवश्यकता है उत्तराखंड सभी पार्वतीय प्रदेशो में एकमात्र ऐसा प्रदेश है जहां पर असीमित भूमि खरीदने के अधिकार सरकार द्वारा प्रदेश के नागरिकों को दिए गए है ,पहले से ही भूमि की कमी से जूझ रहे इस प्रदेश में जिस प्रकार बाहरी प्रदेशों से आकर बड़ी संख्या मे आकर लोग बस रहे हैं उससे यहा का सामाजिक ताना बाना बिखर रहा है। ।.वह यहां के कानून व्यवस्था तथा लोक संस्कृति के लिये भी अनुकूल नही है । उत्तराखंड प्रदेश में बढ़ रही जनसंख्या को सांप्रदायिक चश्मे से देखना भी उचित नहीं है आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में सभी के वर्गो की जनसंख्या में वृद्धि हुई है ।

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