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अल्मोड़ा उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी ने उत्तराखंडी अस्मिता एवं हिमालयी राज्य की अवधारणा के लिए संघर्षरत सभी शक्तियों से राज्य में राजनीतिक परिवर्तन के लिए एकजुट होने का आह्वाहन किया है। पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज हुई बैठक में पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, जमीनों व व्यवसायों पर तेजी से अपना अधिकार खो रहे उत्तराखण्डियों के पास अपनी अस्मिता की रक्षा के लिए एकजुट संघर्ष शुरू करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है।
पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में आज हुई बैठक में उपपा पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 23 वर्षों यहां आई सरकारों की नितियों के कारण राज्य बेरोजगारी, महंगाई, पलायन, विस्थापन का शिकार हुआ है। जब कि इस दौरान पहाड़ों की संवेदनशीलता की परवाह किए बिना बनाई जा रही बड़ी बड़ी परियोजनाओं से हर क्षेत्र में तबाही हो रही है।
बैठक में इन स्थितियों का मुकाबला करने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं से हर क्षेत्र में पार्टी को मजबूत करने के साथ उत्तराखंडी सोच की तमाम शक्तियों से एकजुटता कायम करने का आह्वाहन किया गया।
बैठक में दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह में अल्मोड़ा में पार्टी कार्यकर्ताओं का शिविर आयोजित करने का फैसला लिया गया।
पार्टी ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं व शिक्षा को व्यापार बनाने की प्रक्रिया की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा व स्वास्थ्य के क्षेत्र में जारी लूट खसोट से गरीब व मध्यम वर्ग भारी संकट में है।
बैठक में तय किया गया कि पार्टी के नेतृत्वकारी साथी अपने जिलों व क्षेत्र में दौरा कर पार्टी संगठन को मजबूत बनाने और तमाम शक्तियों को पार्टी से जोड़ने का प्रयास करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय महासचिव नरेश नौड़ियाल तथा संचालन केंद्रीय महासचिव एडवोकेट नारायण राम ने किया। बैठक में केंद्रीय उपाध्यक्ष आनंदी वर्मा, नगर अध्यक्ष श्रीमती हीरा देवी, धीरेंद्र मोहन पंत, मुहम्मद साकिब, गोपाल राम, किरन आर्या, उछास की भारती पांडे, भावना पांडे, राजू गिरी आदि लोग उपस्थित थे।

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