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यो तो देश भर मे फिल्मों के इतिहास की बात करे तो यहा लोभी ब्राह्मण , गुण्डा ठाकुर , लुटेरे पुजारी , मुनाफाखोर बनिया आदि आदि पर सैकड़ो फिल्मे अस्तित्व मे है , पर पहली बार लभ जेहाद पर बनी पिक्चर तब सवालों के घेरे मे आ गई कुछ राज्यों मे लभ जेहाद पिक्चर के बैन कर दिया गया अब इस पिक्चर पर इस कारण राजनीति हो रही है कि अब सुप्रीम कोर्ट ने बंगाल में फिल्म ‘द केरला स्टोरी‘ पर सरकीर के बैन लगाने के फैसले पर रोक लगा दी सुप्रिम कोर्ट ने रोक लगा दी साथ ही सरकार को निरदेश दिये कि वह फिल्म देखने वालों की सुरक्षा भी तय करे सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि फिल्म को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेशन देने के खिलाफ भी याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इन पर सुनवाई से पहले हम भी यह फिल्म देखना चाहेंगे।अदालत ने कहा, ‘इस फिल्म में 32 हजार महिलाओं के इस्लाम कुबूल करने वाले आरोपों पर डिस्क्लेमर लगाया जाए और प्रोड्यूसर ये काम 20 मई को शाम 5 बजे से पहले करे। आप जनता की असहिष्णुता को अहमियत देकर अगर कानून का ऐसे इस्तेमाल करेंगे तो हर फिल्म का यही हाल होगा। राज्य का कर्तव्य है कि वह कानून-व्यवस्था को कायम रखे।’फिल्म प्रोड्यूसर की ओर से सीरियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने भी माना कि 32 हजार महिलाओं के इस्लाम कबूल करने को सही ठहराने का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि इसे डिस्क्लेमर में दिया जाएगा।
फिल्म पर पश्चिम बंगाल में सरकार ने जबकि तमिलनाडु में थियेटर ओनर्स ने बैन लगाया था। कोलकाता और मद्रास हाईकोर्ट ने इस मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट अब इन दोनों हाईकोर्ट के फैसले पर गर्मियों की छुट्टी के बाद 18 जुलाई को सुनवाई करेगा। केरला स्टोरी चरम पन्थी मुस्लिम संगठन,आई एस आई मे विभिन्न धर्मों की युवतियो का मस्तिष्क ब्रेन वास कर भर्ती कर उनके उत्पीडन पर आधारित है । चूंकि मामला केरल से जु़ड़ा है इसी कारण मानवाधिकार कार्यकर्ता और व केरल की राजनैतिक पार्टिया इस फिल्म को इस्लाम और केरल को बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं।

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