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अल्मोड़ा मंजू तिवारी की 10वीं पुण्य तिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए सरकार से स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापारीकरण, बाजारीकरण पर रोक लगाने व सबको समान गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। इस दौरान सरकार से जन स्वास्थ्य को लेकर हर स्तर पर जन सुनवाई करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी मांग की गई।
उपपा कार्यालय में आज हुई श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के कारण संग्रालय प्रभारी रहीं श्रीमती मंजू तिवारी की 10 वर्ष पूर्व मृत्यु हो गई थी जिसके बाद जन स्वास्थ्य संघर्ष मोर्चे के तले बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी गई जिसके कारण सरकार अल्मोड़ा जिला अस्पताल को पीपी मोड में नहीं दे पाई।
वक्ताओं ने कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं का निजीकरण कर रही है और करोड़ों रुपए खर्च करने के बावजूद भी मेडिकल कॉलेज में ब्लड बैंक तक की सुविधा नहीं है। गर्भवती महिलाओं को कई जिलों से रेफर किया जाता है और बाद में सड़कों में उनके प्रसव होते हैं जो स्वयं में स्वास्थ्य सेवाओं पर टिप्पणी है। इस दौरान स्वास्थ्य संस्थाओं को लेकर हर स्तर पर जनसुनवाई की व्यवस्था करने, अस्पतालों में अनावश्यक जांच करवाने, बाहर की दवाई लिखने पर रोक लगाने और चिकित्सालयों की व्यवस्था में तत्काल सुधार करने की मांग की गई है।
श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक, राजनीतिक संगठनों, प्रबुद्धजनों से स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण का विरोध करने एवं सबको समान रूप से स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु संघर्षशील ताकतों से आवाज उठाने की अपील की गई।
बैठक में उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी, पार्टी की केंद्रीय उपाध्यक्ष श्रीमती आनंदी वर्मा, केंद्रीय महासचिव एडवोकेट नारायण राम, सामाजिक कार्यकर्ता शिवदत्त पांडे, धीरेंद्र मोहन पंत, किरन आर्या, राजू गिरी, वसीम अहमद समेत तमाम लोग उपस्थित रहे।

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