35 total views

अल्मोड़ा आपदा प्रबंधन पर छठी विश्व कॉंग्रेस का आयोजन देहरादून में किया गया जिसमें अल्मोड़ा जिले के स्याहीदेवी -शीतलाखेत क्षेत्र में वर्ष 2003-4 से चलाए जा रहे जंगल बचाओ – जीवन बचाओ अभियान से निकले मॉडल्स को भी प्रस्तुत किया गया.।अल्मोड़ा डिवीज़न के पूर्व प्रभागीय वनाधिकारी महातिम यादव द्वारा तकनीकी सत्र में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जंगलात विभाग और जनता के सामंजस्य से वनाग्नि नियंत्रण, प्रबंधन में सफलता मिलने पर प्रस्तुति दी। .इसके बाद स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट के रूप में कार्य कर रहे और वर्ष 2003-4 से जंगल बचाओ जीवन बचाओ अभियान में सक्रिय भूमिका निभा रहे गजेंद्र पाठक द्वारा “परम्परागत ज्ञान तथा ग्रासरूट से निकले नवाचार” सत्र में महिला मंगल दलों तथा वन विभाग के परस्पर तालमेल से चलाये जा रहे जंगल बचाओ -जीवन बचाओ अभियान तथा वनाग्नि नियंत्रण में ओण दिवस आयोजन की उपयोगिता को उजागर किया.।
आपदा प्रबंधन पर आयोजित विश्व स्तरीय कांग्रेस में जंगल बचाओ जीवन बचाओ अभियान पर चर्चा होने पर यूकोस्ट के महानिदेशक प्रोफेसर दुर्गेश पंत, गोविन्द बल्लभ पंत राष्ट्रीय हिमालयन पर्यावरण संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सुनील नौटियाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी अल्मोड़ा डॉ आर सी पंत, प्रभागीय वनाधिकारी अल्मोड़ा श्री दीपक सिंह, उपमुख्य चिकित्साधिकारी डॉ योगेश पुरोहित, डॉ डी एस नबियाल, डॉ अखिलेश, गिरीश चंद्र शर्मा, आर डी जोशी, रीमा पंत,नरेंद्र बिष्ट, प्रताप सिंह, गणेश पाठक, रमेश भंडारी, रवि परिहार, सोनिया बिष्ट, इंद्रा देवी, अनीता कनवाल, मंजू परिहार, कैलाश नाथ, दिनेश पाठक, गोपाल गुरुरानी, नीरज पंत, रमेश लटवाल, सुन्दर लाल, कुबेर चंद्र, रंजीत सिंह, श्याम कुमार, बिहारी लाल, महेंद्र सिंह, गोपाल सिंह, रवि परिहार आदि ने हर्ष ब्यक्त किया है.

Leave a Reply

Your email address will not be published.