82 total views

श्रद्धा ने अपनी मनमर्जी से आफताफ के साथ रहने लगी थी , उसे परिजनों ने लाख समझाया था कि वह ऐसा ना करे पर जिन मां – बाप ने श्रद्धा को पाल पोसकर बढा किया उसे इस लायक बनाया कि वह काल सेन्टर में काम कर सकें वे मा -बाप श्रद्धा को आफताब के सामने फीके नजर आने लगे । आफताब श्रद्धा को राजकुमार नजर आने लगा । श्रद्धा की नजर मे वे सब उसके दुश्मन थे जो उसे आफताब से दूर रहने की सलाह देते । दोनों मुम्मई मे एक काल सेन्टर मे काम करते थे ।वहां जाति धर्म के बन्धनों को तोडकर एक दूसरे के मोहपाश मे फंसे तय किया कि अब दोनो साथ – साथ रहेंगे । माँ – बाप ने मना किया तो श्रद्धा कहने लगी मै बालिग हूं, कानून मुझे किसी के साथ भी रहने की इजाजत देता है । मां – वाप दिल मसोज कर रह गये ,कर ही क्या सकते थे दोंनो मुम्मई से नौकरी छोडकर दिल्ली आ गये । धीरे -धीरे जिस्मानी आकर्षण कम होमे लगा रहन -शहन तो पहले से ही अलग था ही दोनों आपस मे खूब झगड़ने लगे , आफताब ने श्रद्धा से पल्ला झाड़ने का नायाब तरीका निकाला उसने एक रात श्रद्धा की हत्या कर दी । उसके 36 टुकुड़े बनाये , फिर वह बाजार से फ्रिज खरीद लाया उसने सभी टुकुड़े फ्रिज में रख दिये वह एक – एक टुकुड़ा रोज फैकने लगा ,। साथ ही उसी प्रिज मे अपने खाने पीने की चीज भी रख देता ।

श्रद्धा के माता- पिता दुखी थे उन्हें श्रद्धा की फिकर थी, दोनों के लभ पर कोई भरोसा नही था , ।श्रद्धा का कोई पता भी नही मिल रहा था पांच महिने पूर्व उन्होंने एफ आई आर दर्ज कराई थी अब पुलिस ने मामले रो सुलझाने का दावा किया है ।

श्रद्धा वॉल्कर मर्डर केस में अतिरिक्त डीसीपी, दक्षिण अंकित चौहान ने कहा है कि श्रद्धा वॉल्कर और आरोपी आफताब पूनावाला अक्सर झगड़ते थे, और यह झगड़ा कंट्रोल से बाहर हो जाता था,ऐसे में एक बार आरोपी शख्स ने अपना आपा खो दिया और 22 मई को लड़की की हत्या कर दी। उसने पुलिस को बताया कि उसने शव के 35 टुकड़े किए, और उसके अंगों को आस-पास के इलाकों में फेंक दिया। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है, जांच जारी है पुलिस ने कहा है कि कुछ अवशेष मिला है। पता लगाना होगा कि वह मनुष्य के हैं या नहीं? आरोपी आफताभ को अरेस्ट कर लिया गया है. पुलिस ने आफताब को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है।घर में शव के सड़ने की बदबू ना आए, इसके लिए आफताब अगरबत्ती जलाता था।.इस समाचार ने मीड़िया मे सनसनी फैला दी है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.