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अल्मोड़ा राजकीय जूनियर हाईस्कूल बागपाली जनपद अल्मोड़ा का एक दुर्गम विद्यालय है। इस विद्यालय में 33 बच्चे अध्ययनरत हैं। अध्ययनरत सभी बच्चे अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं। इस गांव में शत प्रतिशत अनुसूचित जाति के निवास करते हैं। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक योगेंद्र रावत के शैक्षिक नवाचार आये दिन चर्चा का केंद्र बना हुआ है। वह विगत 9 वर्षों से इस विद्यालय में समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। वह अपने अवकाश के दौरान भी कुछ न कुछ गतिविधि करते रहते हैं। वह अपने वेतन से शैक्षिक व भौतिक सुधार के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं। जिसके चलते विद्यालय में अध्ययनरत बच्चे विगत कई वर्षों से हर साल खेलकूद व शैक्षिक नवाचार आदि प्रतियोगिताओं में जिले से राज्य स्तर तक सफलता प्राप्त कर रहें। विगत कई वर्षों से हर साल इनके विद्यालय से बच्चों का अलग अलग छात्रवृत्ति परीक्षा में चयन हो रहा हैं। इस वर्ष अभी तक इनके विद्यालय से दो बच्चों का मुख्यमंत्री उदीयमान छात्रवृत्ति में चयन हुआ,जिन्हें हर माह पन्द्रह सौ रुपये मिल रहा है। दो बच्चों का मुख्यमंत्री छात्र प्रोत्साहन परीक्षा में चयन हुआ,जिन्हें तीन साल हर माह छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके अलावा अभी अभी राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा में दो बच्चों का चयन हुआ है,जिन्हें इंटर तक हर माह आयुष कुमार को पंद्रह सौ व निखिलेश कुमार को एक हजार छात्रवृत्ति मिलेगी। कुल मिलाकर इस बार इनके विद्यालय से छः बच्चों का अलग अलग छात्रवृत्ति परीक्षा में चयन पूरे विकासखण्ड के लिए मिशाल बन चुका है।

विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष महेश राम का कहना है कि उनके इस विद्यालय में आने के बाद विद्यालय का कायाकल्प हो गया है। हमने ऐसा शिक्षक पहले न इस विद्यालय में देखा न ही अन्य जगह देखा। वह हमारे लिये प्रेरणा का स्रोत बन चुके हैं।

वरिष्ठ समाज सेवी गोविन्द गोपाल का कहना है कि शिक्षक योगेंद्र की लगन व समर्पण भाव ने मुझे इस विद्यालय में कई बार जाने के लिए प्रेरित किया। वास्तव में योगेंद्र जैसा शिक्षक हमारे लिए ही नही बल्कि पूरे शिक्षक समाज के लिए मिशाल है। शिक्षक योगेन्द्र के प्रयासों से आज इसके वंचित समाज के बच्चे पढ़ाई -लिखाई के क्षेत्र में भी छात्रवृत्ति प्राप्त करने में सक्षम हुऐ हैं ।
इन्होंने अपने वेतन से विद्यालय में पर्यावरण, रुपांतरण,स्वच्छता व शैक्षिक नवाचार में अतुलनीय व अनुकरणीय कार्य किया है। इनका विद्यालय प्रबंधन एक मिसाल है। इन्ही कार्यों के चलते यह विद्यालय नित नए आयाम स्थापित कर रहा है।

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