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अल्मोड़ा रीठागाड पट्टी में  स्वास्थ्य,सड़क और शिक्षा सुविधा के लिए, पूर्व दर्जा मंत्री कर्नाटक ने रीठागाड का भ्रमण,किया ।

उन्होंने जिलाधिकारी से वार्ता कर कनारीछीना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के अविलंब निर्माण की मांग की,कहा जनसंघ के संस्थापक पूर्व विधायक गोविंद बिष्ट की कर्मस्थली में आज चलने के लिए  सी सी मार्ग तक नहीं है ,।देश की आजादी बाद भी  रीठागाड़ पट्टी बदहाली मे है ।
-अल्मोड़ा विधानसभा के भैसियाछाना ब्लाक की रीठागाड़ पट्टी आजादी के 77 साल बाद आज भी विकास की मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रही है।विदित हो कि रीठागाड़ पट्टी जनसंघ के संस्थापक और पूर्व विधायक गोविंद सिंह बिष्ट की कर्मस्थली रही है।देश तो आजाद हो गया लेकिन ऐसा लगता है कि रीठागाड़ पट्टी जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का शिकार हो कर रह गयी।रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र की जनता आज भी सड़क,रास्तों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शिक्षा के लिए तरस रही है।रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र की जनता की समस्याओं को देखते हुए उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जामंत्री बिट्टू कर्नाटक ने रीठागाड़ पट्टी का भ्रमण किया और लोगों से मिलकर समस्त समस्याओं की जानकारी प्राप्त की ।रीठागाड़ पट्टी में निर्माणाधीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के नवनिर्मित भवन में लाखों रूपये लगने के बाद भी छत नहीं पड़ पाई है और ये खंडहर में बदलती जा रहा है। पूर्व दर्जामंत्री ने स्थानीय लोगों के साथ रीठागाड़ पट्टी का भ्रमण किया और जिस स्थल पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनारीछीना खंडहर स्थिति में पड़ा है वहीं से जिलाधिकारी अल्मोड़ा को फोन किया और उक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए जिला योजना से धन आवंटित करने की मांग की। श्री कर्नाटक ने बताया कि जिलाधिकारी के द्वारा उनसे लिखित में पत्र मांगा गया है तथा सकारात्मक आश्वासन दिया गया है कि पत्र प्राप्त होते ही आगे की कार्यवाही की जाएगी।श्री कर्नाटक ने कहा कि रीठागाड़ पट्टी के आज लगभग सभी गांव ऐसे हैं जिनमें सड़क तो बहुत दूर की बात है पैदल चलने के लिए सीसी मार्ग तक नहीं बने हैं। लोग खेत,भ्योल और रोखडों पर चलने के लिए मजबूर हैं जो वर्तमान स्थिति में काफी शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि एक तरफ जहां स्मार्ट सिटी की बात हो रही है वहीं दूसरी ओर रीठागाड़ पट्टी को देखकर ऐसा लगता है कि आज तक निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने इस क्षेत्र की ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया और आज यह क्षेत्र एक बीहड़ के रूप में नजर आ रहा है।उन्होंने कहा कि रीठाकर पट्टी क्षेत्र के लोगों के लिए स्वास्थ्य की कोई सुविधा नहीं है और न ही गांवों को जोड़ने के लिए कोई सड़क की सुविधा है। श्री कर्नाटक ने कहा कि जो बच्चे देश का भविष्य होते हैं उनके लिए स्कूल कॉलेज यहां पर एक ख्याली पुलाव की तरह महसूस होते हैं।उन्होंने कहा कि नाम मात्र के लिए स्कूल तो है लेकिन स्कूल की दशा और दिशा को देखकर ऐसा लगता है कि कभी भी रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र के विद्यालय का निरीक्षण तक विभागीय अधिकारियों, निर्वाचित जनप्रतिनिधियों द्वारा नहीं किया गया क्योंकि यदि विभागीय अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा यहां स्कूलों की दशा देखी गई होती तो निश्चित रूप से उनके सुधारीकरण एवं उन्हें विकसित करने के लिए प्रयास जरूर किए गए होते। उन्होंने कहा कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि आजादी के 77 साल बाद भी आज यहां का स्थानीय व्यक्ति चलने के लिए खड़ंजे को मोहताज है।सड़कों की बात करने वाली सरकार रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र में सीसी मार्ग तक नहीं बना पाई। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों,अधिकारियों और सरकार को यहां के लोगों की जरा भी चिंता नहीं है क्योंकि स्वास्थ्य सुविधाओं की दृष्टि से रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र के दो कमरों के स्वास्थ्य केन्द्र में केवल मरहम पट्टी हो सकती है ऐसे में यदि किसी की तबीयत खराब होती है तो उसे अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज लाने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है और ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि आज तक यहां पर निर्वाचित जनप्रतिनिधियों एवं सरकार ने स्वास्थ्य सुविधाएं सुधारने की दिशा में कोई पहल क्यों नहीं की? उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनालीछीना के निर्माण की उन्होंने जिलाधिकारी से बात की है और यदि एक माह के भीतर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है तो अब रीठागाड पट्टी क्षेत्र के स्थानीय लोगों के हितों के लिए सड़कों पर उतरकर संघर्ष करने को वे बाध्य होंगे।उन्होंने कहा की रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र अल्मोड़ा विधानसभा का एक अहम हिस्सा है। लेकिन इसके बाद भी इसकी इतनी घोर उपेक्षा होना स्पष्ट रूप से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की चूक है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि रीठागाड़ पट्टी क्षेत्र में स्वास्थ्य की दृष्टि से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण नहीं होता है तो स्थानीय लोगों को साथ में लेकर वे आंदोलन का बिगुल फूख देंगे जिसके लिए सीधे तौर पर प्रदेश सरकार, स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य विभाग के आल्हा अधिकारी जिम्मेदार होंगे।इसके साथ ही श्री कर्नाटक ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कनारीछीना के निर्माण के दौरान विशेष सावधानी बरती जाए क्योंकि जहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माणाधीन है वहां पर आधा दर्जन से अधिक भवनों को खतरा है। विशेष सावधानी के साथ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया जाए जिससे स्वास्थ्य केंद्र भी बन जाए और भवनों को भी खतरा न हो।इस अवसर पर अनेकों स्थानीय लोग भी शामिल रहे।धन सिंह नेगी,राम दत्त भट्ट, महेन्द्र सिंह बानी, गोपाल सिंह नेगी, महिपाल सिंह नेगी, प्रताप सिंह नेगी, महेन्द्र सिंह नेगी, तुलसी देवी,दुर्गा देवी, पार्वती देवी , सुनीता देवी आदि मौजूद रहे।

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