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अल्मोड़ा 10 जून, 2024 – मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा कोण्डे के कुशल नेतृत्व और ग्रामीण उद्यम वेग वृद्वि परियोजना (रीप) के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम जनपद के विकासखंड द्वाराहाट के ग्राम स्यालसुना में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। रीप परियोजना ने ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनकी आय में वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
शांति देवी, पत्नी हर सिंह, पूर्व में मेहनत-मजदूरी करके जीवन निर्वाह करती थीं। वर्ष 2023 में, रीप परियोजना के तहत ‘‘अति निर्धन परिवार‘‘ श्रेणी में शांति देवी का चयन हुआ। उन्हें बकरी पालन व्यवसाय स्थापित करने के लिए ₹35,000 की रिवॉल्विंग धनराशि और पशुपालन विभाग से वित्तीय सहायता प्रदान की गई। इस सहायता का उपयोग उन्होंने बकरी पालन फार्म स्थापित करने के लिए किया।
आज शांति देवी के पास 6 बकरियों का स्वस्थ झुंड है। बकरी के दूध और मांस की बिक्री से उनकी मासिक आय में ₹4500-₹5000 की वृद्धि हुई है, जिससे उनके परिवार के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। यह सफलता उनके कठिन परिश्रम और रीप परियोजना की प्रभावशीलता को दर्शाती है।
जिला परियोजना प्रबंधक, रीप अल्मोड़ा, राजेश मठपाल ने जानकारी दी कि अति निर्धन परिवार श्रेणी की महिलाओं को रीप के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे स्वरोजगार स्थापित कर अपनी आजीविका सुधार सकें।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि रीप परियोजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अन्य अतिनिर्धन परिवारों को इस योजना का लाभ उठाने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित किया। ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना (रीप) एक पहल है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। यह परियोजना ‘‘अतिनिर्धन परिवारों‘‘ को वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण प्रदान करती है ताकि वे स्वरोजगार स्थापित कर सकें और अपनी आजीविका में सुधार कर सकें।

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