32 total views

देवप्रयाग  पण्ड़ा समाज ने 22जनवरी को अयोध्या मे होने जा रहे प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को देखते हुए ऐलान किया है की देवप्रयाग में रघुनाथ मंदिर में किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम को नहीं होने दिया जाएगा पण्ड़ा समाज ने कहा कि भगवान श्री राम के नाम पर राजनीति का वह समर्थन नहीं करते इस प्रकार के कार्यक्रमों से आम भक्तों को परेशानी होती है अतः किसी को मंदिर में केवल धार्मिक कार्यक्रमों की ही अनुमति है यदि कोई राजनेता मंदिर में राजनीतिक उद्देश्य को लेकर आता है तो पण्ड़ा समाज उसका विरोध करेगा।

  देवप्रयाग मे रहने वाले पूर्व सूचना आयुक्त व वरिष्ट अधिवक्ता  राजेन्दर कोठियाल ने कहा है कि  22जनवरी को पौणाणिक रघुनाथ मन्दिर मे ना तो किसी राजनेता को आने की अनुमति है ना ही  उनका कोई प्रतिनिधि यहा आ सकेगा आम जन इस अवसर पर मन्दिर मे पूजा अर्चना व अन्य सभी धार्मिक कार्यक्रम करेंगे । उन्होने आरोप लगाया कि यह मन्दिर आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिष्ठित है वे लोग जो शंकराचार्यों का सम्मान नही करते , उनका राजनीति के लिये यहा आना उचित नही है । यह रघुनाथ मन्दिर आठवी शताब्दी में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा प्रतिष्ठित है।. देवप्रयाग का रघुनाथ मन्दिर बहुत प्रचीन मन्दिर है प्रतिवर्ष वाखो भक्त इस मन्गिर मे आते है

यद्यपि उत्तराखण्ड शैवभूमि के नाम से विख्यात है पर यहा बैष्णव मन्दिर भी काफी प्रचीन है इसी श्रंखला मे , अल्मोड़ा मे भी रामशिला मन्दिर काफी प्राचीन मन्दिर है ।चौखुटिया मे भी प्रचीन राममन्दिर है । यही नही पिथौरागढ के बेरीनाग मे भी प्रचीन राम मन्दिर मौजूद है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.