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अल्मोड़ा 8 दिसंबर आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी ब्रह्मानंद डालाकोटी, जिला पंचायत सदस्य शिवराज बनौला ने कहा है की राज्य आंदोलनकारी संगठन अल्मोड़ा प्रत्येक सरकारी कार्यदिवस को राज्य आंदोलनकारियों तथा आम जनता की एक समस्या को लेकर मुख्यमंत्री उत्तराखंड तथा आवश्यकतानुसार प्रधानमंत्री को पत्र लिखेगा । विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि उन्हें रोज किसी न किसी समस्या से रूबरू होना पड़ता है और आम जनता की ओर से भी उन्हें अपनी समस्याएं विभिन्न माध्यमों से भेजी जाती है उनके द्वारा अनेक समस्याओं का एक ज्ञापन बनाकर शासन में विभिन्न स्तरों पर भेजा भी जाता है किन्तु शासन स्तर वह ज्ञापन किसी एक विभाग को भेज दिया जाता है जिससे समस्याओं का समाधान होना तो दूर ज्ञापन विभाग दर विभाग घूमता हुआ कूड़ेदान में चला जाता है। इसलिए अब प्रति दिन एक समस्या का एक पत्र भेजा जायेगा जिलाधिकारी कार्यालय के शहर से दूर होने के कारण पत्र नगर पालिका स्थित जनसेवा केंद्र के माध्यम से तथा डांक से भेजे जायेंगे।आज पत्र प्रेषण की शुरुआत करते हुए राज्य आंदोलनकारी संगठन ने प्रधानमंत्री भारत सरकार और मुख्यमंत्री उत्तराखंड से जनता के पत्रो का जबाब भौतिक प्रतिलिपि के रूप में दिये जाने की मांग की है ।संगठन ने पत्र में कहा है कि सरकार बिगत कुछ समय से जनता के मांग पत्रों का डिजिटल रूप से जबाब दे रही है जो आम लोगों के लिए उपयुक्त माध्यम नहीं है पत्र में कहा गया है कि सरकार भले ही डीजिटल हो गयी हो आम जनता अभी पूर्ण रूप से डिजिटल नहीं हुई है। सरकार 80करोड़ लोगों को मुफ्त राशन देकर यह तो मान रही है 80करोड़ लोग गरीब हैं ऐसे में यह अनुमान लगाना स्वाभाविक है 80करोड़ लोग एंड्रॉयड फोन नहीं ले सकते।इस स्थिति में ऐसे मामलों जिनका अधिकारियों द्वारा सही उत्तर नहीं दिया जाता,जिनके समाधान हेतु सरकार के जबाब के प्रत्युत्तर की आवश्यकता होती है या फिर स्वयं सरकार फीड बैक मांगती है उनका उत्तर आम नागरिक नहीं दे पाते इसलिए समस्याओं का सरकार के चाहते हुए भी समाधान नहीं हो पाता है। इसलिए आम नागरिकों को उनके पत्रों के उत्तर भौतिक रूप से लिखित में उन्हें भेजे जाने की आवश्यकता है।

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