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हरिद्वार यहां कोतवाली पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व कथित मनसा देवी ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी, अनिल शर्मा व अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद मामले कि जांच उपनिरीक्षक प्रियंका भारद्वाज को सौंप दी है।

जानकारी के मुताबिक मुकदमा जय प्रकाश बडोनी पुत्र स्व. श्री शांति प्रसाद बडोनी निवासी 179 भीमगोड़ा हरिद्वार हाल निवासी गली नम्बर 6 हरिपुर कलां रायवाला देहरादून के प्रार्थना पत्र पर दर्ज हुवा है उन्होंने महंत रविन्द्र पुरी शिष्य निरंजन देव, निवासी निरंजनी अखाड़ा हरिद्वार, अनिल शर्मा पुत्र श्री लक्ष्मी दत्त शर्मा निवासी गंगा विहार अवधूत मंडल आश्रम ज्वालापुर व अन्य ट्रस्टियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें आरोप लगाया गया की मां मनसा देवी मन्दिर सहित वहां स्थित अन्य मन्दिर जिनका खसरा नम्बर 9 व बंदोबस्त 8 वर्ष 1868 व अन्य संपत्तियां शामिल हैं। जिसकी स्वामिनी सरस्वती देवी पत्नी स्व. मुखराम गिरी हरिद्वार थी। सरस्वती देवी ने एक वसीयत लक्ष्मीनारायण गिरि, पंडित अंबादत्त, ठाकुर मेवाराम के पक्ष में की थी। सरस्वती देवी के निधन के बाद उक्त चारों ने मन्दिर प्रबन्ध का कार्य संभाला तथा मनसा देवी मन्दिर ट्रस्ट नाम से एक ट्रस्ट बनाया जिसका पंजीकरण संख्या 28267 दिनांक 24.10. 1972 को सोसाइटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अन्तर्गत कराया।

उक्त ट्रस्ट में कुल 13 व्यक्ति शामिल थे, जिनमें चार पदाधिकारी सदस्य बने। बडौनी ने कहा है कि ट्रष्ट के गठन के बाद रामानंद पुरी मंसादेवी मन्दिर ट्रस्ट के स्वयंभू ट्रस्टी बन गए, जो वर्तमान में गायब है। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि रामानंद पुरी के स्थान पर स्वयंभू नगा साधू स्वयं को मन्दिर ट्रस्ट का स्वयंभू अध्यक्ष बताकर मन्दिर में दान की रसीद पर अपनी फोटो छपवाकर तथा पूर्व में मर चुके ट्रस्टियों के नाम पर आज भी दान चंदा प्राप्त कर रहा है। परिसर स्थित अन्य मन्दिरों पर भी दान के चढ़ावे की रसीद बुक छपवाकर संगठनात्मक लूट कर रहा है। जबकि नगर मजिस्ट्रेट द्वारा दी सूचना में यह स्पष्ट कहा गया है कि 1972 से यह संस्था अपंजीकृत है। इसके साथ ही वर्तमान में कोई भी ट्रस्टी जीवित नहीं है। कहा गया है कि स्वयंभू अध्यक्ष महंत रविन्द्र पुरी के साथ अन्य स्वयंभू ट्रस्टी जो वर्तमान में फर्जी ट्रस्ट संचालित कर मन्दिर में दान की रसीद पर फोटो छपवाकर मृत व्यक्ति तरुण कुमार गांगुली के नाम रसीद बुके छपवाकर कोषाध्यक्ष हरिद्वार द्वारा जारी कर दान प्राप्त करने के लिए दान कूपन के साथ अवैध रूप से दान की रसीद काटी जा रही है।

प्रार्थना पत्र में ये भी कहा गया है कि महंत रविन्द्र पुरी ने मंसा देवी मन्दिर पर अवैध कब्जा कर कीमती आभूषणों एवं अचल सम्पत्ति, बैंको में पूर्व में जमा करोड़ांे की धनराशि को प्रयोग में लाया जा रहा है। ट्रस्ट के लेटर पैड व अन्य प्रचार माध्यमों से शासन-प्रशासन व आम जनता को धोखा दिया जा रहा है। इसके साथ ही मन्दिर परिसर में बनी दुकानों का मोटा किराया प्राप्त किया जा रहा है। जबकि महंत रविन्द्र पुरी व अन्य का मनसा देवी ट्रस्ट से कोई लेना देना नहीं है। नगर कोतवाली पुलिस ने महंत रविन्द्र पुरी व अन्य के खिलाफ धारा 419, 420, 447, 448, 467, 468 व 471 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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