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अल्मोड़ा दिनांक 05 जून, 2024 जिलाधिकारी विनीत तोमर ने बताया कि उप जिला मजिस्ट्रेट भिकियासैण द्वारा अवगत कराया गया है कि तहसील स्याल्दे में तैनात कनिष्ठ सहायक कौशिक बनौला विगत 02 वर्ष से सभी अधिक समय से बिना किसी सूचना के अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने से कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने इस सम्बन्ध में उप जिलाधिकारी भिकियासैंण की अध्यक्षता में एक समिति जिसमंे कोषाधिकारी भिकियासैण एवं तहसीलदार स्याल्दे को सदस्य नामित करते हुए कौशिक बनौला के बिना किसी सूचना के अनुपस्थित रहने सम्बन्धी प्रकरण की गहन जॉच कर अग्रेत्तर कार्यवाही करते हुए सुस्पष्ट आख्या/संस्तुति सहित आख्या जिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिये है।
जिलाधिकारी ने बताया कि पूर्व में तहसील भनोली में तैनात कनिष्ठ सहायक कौशिक बनौला को निलम्बित किया गया था। इस निलम्बन आदेश के विरूद्ध कौशिक बनौला द्वारा मा0 उच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड में रिट याचिका दायर की गयी थी। मा0 उच्च न्यायालय द्वारा इस निलम्बन आदेश को स्थगित कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि मा0 उच्च न्यायालय के अनुपालन में कौशिक बनौला का स्थानान्तरण तहसील भनोली से तहसील स्याल्दे में कनिष्ठ सहायक के पद पर किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि कौशिक बनौला द्वारा 02 माह पश्चात् अपनी योगदान आख्या तहसील स्याल्दे में दी थी। कौशिक बनौला द्वारा अवकाश के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र तहसील कार्यालय स्याल्दे में छोड़ कर तथा बिना किसी उच्चाधिकारी से अवकाश स्वीकृत कराये व मौखिक सूचना दिये बिना मुख्यालय छोड़ दिया गया। तथा बनौला द्वारा राजस्व उप निरीक्षक स्याल्दे के आवास में राजस्व उपनिरीक्षक एवं रजिस्ट्रार कानूनगो को अभद्र भाषा का प्रयोग कर गाली गलौच करने, जान से मारने के इरादे से पीछे से जनलेवा हमला करने, सरकारी अभिलेख फाड़ने आदि के सम्बन्ध में ता0हि0 दर्ज है जिसकी विवेचना नियमित पुलिस द्वारा चौकी मासी द्वारा की जा रही है। उन्होंने बताया कि कार्मिक के लम्बे समय से अनाधिकृत रूप से कार्य से अनुपस्थित रहने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, उच्चाधिकारियों के पत्रों का उत्तर न देने तहसील कार्मिकों कार्मिकों से अभद्र भाषा का प्रयोग, सरकारी अभिलेखों को फाड़ने आदि कृत्यों के दृष्टिगत कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत किये गये कार्याे के लिए उत्तरांचल सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली के अनुसार कार्यवाही किया जाना विधि सम्मत होगा। उन्होंने बताया जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा स्पष्ट प्रमाण/साक्ष्य/प्रत्युत्तर/अभिलेख 15 दिन के अन्दर प्रस्तुत किये जाने हेतु दैनिक समाचार पत्र अमर उजाला एवं दैनिक जागरण में प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से प्रकाशित कराया गया। उन्होंने बताया कि प्रकाशित विज्ञप्ति के 07 दिन के अन्दर अनाधिकृत रूप से कार्यालय से अनुपस्थित रहने के सम्बन्ध में स्पष्ट प्रमाण/साक्ष्य/प्रत्युत्तर/अभिलेख उपलब्ध न कराये जाने की स्थिति में यह मान लिया जायेगा कि वे राजकीय सेवा करने के इच्छुक नहीं है। इस अवधिक के उपरान्त इसके विरूद्ध अग्रेत्तर कार्यवाही प्रारम्भ कर दी जायेगी।
उन्होंने बताया कि तहसीलदार स्याल्दे की आख्याओं एवं उप जिलाधिकारी भिकियासैंण की अध्यक्षता में गठित समिति की आख्या/संस्तुति के क्रम में जिला शासकीय अधिवक्ता दीवानी एवं राजस्व अल्मोड़ा की विधिक राय के आधार पर कौशिक बनौला के दिनॉंक 31 अगस्त, 2020 से दिनॉंक 19 अक्टूबर, 2022 तक कुल (02 वर्ष 01 माह 20 दिन) एवं दिनॉंक 20 जनवरी, 2023 से दिनॉंक 25 मई, 2024 तक कुल (01 वर्ष 04 माह 05 दिन) तक बिना अवकाश स्वीकृत कराये अथवा बिना किसी पूर्व सूचना के कार्य में अनुपस्थित रहने से तथा अनाधिकृत अनुपस्थिति के सम्बन्ध में प्रेषित कारण बताओं नोटिस का प्रत्युत्तर नहीं दिये जाने के फलस्वरूप उत्तराखण्ड शासन वित अनुभाग-7 की अधिसूचना प्रकीण उत्तराखण्ड वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-2 भाग-2 से 4 (संशोधन) नियमावली, 2020 के मूल नियम 18 (संशोधित) स्तम्भ-2 में प्रतिस्थापित नियम 18(03) में निहित प्राविधानों के अनुसार कौशिक बनौला को आदेश जारी होने की तिथि से राजकीय सेवा से त्यागपत्र दिया जाना माना जायेगा तथा इनकी सेवायें त्यागपत्र आदेश जारी होने की तिथि से समाप्त हो जायेंगी।

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