Loading

अल्मोड़ा, उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर समस्थ राष्ट्रीय राजमार्ग , व राज्य राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के आदेश के क्रम में लोक निर्माण विभाग द्वारा कर्बला से लेकर सिकड़ा बैण्ड तक चिन्हित किये गये अतिक्रमण के विरुद्ध क्षेत्रीय जनता ने आक्रोश व्यक्त किया है। लोगों ने पहाड़ की भौगोलिक स्तिथि रा हवाला देते हुवे राहत की मांग को लेकर धारानौला स्थित होटल ‘जय कान्टीनेन्टल’ में बैठक आयोजित की बैठक में क्षेत्र के भवन व दुकान स्वामियों ने भागीदारी की।

बैठक में अध्यक्षता करते हुए आनंद सतवाल ने कहा कि, विभाग का यह निर्णय जनता के लिए बेहद घातक साबित होगा। सैकड़ों लोग बेघर हो जायेंगे तथा सैकड़ों लोगों को अपनी रोजी-रोटी से साथ धोना पड़ेगा। बिशन बिष्ट ने कहा कि, यह सैकड़ों परिवारों के अस्तित्व का सवाल है। यदि यह कारवाई अमल में लाई जाती है तो सैकड़ों परिवार सड़क पर आ जायेंगे।

गिरीश खोलिया ने कहा कि, प्रांतीय खण्ड द्वारा मौखिक रूप से हाईकोर्ट के आदेश के क्रम में यह कारवाई अमल में लायी जा रही है। सभी पीड़ित परिवाद 28 अगस्त को प्रांतीय खण्ड जाकर न्यायालय का आदेश मांगेंगे तथा इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय का रुख किया जायेगा।

गोकुल मेहता ने इस कारवाई को अन्याय पूर्ण बताया और कहा कि, जनता मिलकर इसका विरोध करेगी। चंदन बोरा ने कहा कि, लोगों ने ऋण लेकर घर और दुकाने बनाई है उनके सामने संकट है कि, इसे कैसे वयायि ।

मनोज सनवाल ने कहा कि, इस समस्या का समाधान निकलता जरूरी है, इसके लिए सभी को मिलकर कदम उठाना होगा। गणेश विष्ट ने कहा कि, पहाड़ और मैदानी धोत्र की भौगोलिक स्थितियां अलग-अलग हैं अतः पर्वतीय ‘क्षेत्रो’ में यहां की भौगोलिक स्थितियों को ध्यान में रखकर निर्णय किया जाना चाहिए।

बैठक में बलवंत सिंह, मनीष पाण्डे, शशि शेखर, दीपक डालाकोटी आदि ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर जीवन बिष्ट, राजेन्द्र विष्ट भैरव दत्त जोशी, गणेश सिंह, सुदर्शन सिंह, अमर सिंह मेहरा, बालम बोरा, नरेन्द्र सिंह परिया, राजीव बिष्ट, सोनू मेहता सहित 200 लोग मौजूद रहे।

इस मौके पर संघर्ष समिति का गठन किया गया तथा 28 अगस्त 2023 को पुन: एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया ।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.