40 total views

अल्मोड़ा भारत सरकार के परिवहन सम्बन्धी कानूनों मे जो बदलाव हुवे है उससे इस कार्य में लगे हुए चालकों में काफी असंतोष पैदा हो गया है भारतीय न्यायिक संहिता की नई धाराओ के तहत ,यदि कोई चालक दुर्घटना के बाद घायल ब्यक्ति को अस्पताल ले जाने के बजाय वाहन चवाकर भाग जाता है तो उसे दस वर्ष की सजा व पाँच लाख का अर्थदण्ड का प्रावधान किया गया है । इसमें यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि चालक दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल ले जाता है ,तो उसे सजा मे आशिक छूट का प्राविधान है किन्तु वह सजा से बच नही पायेगा ,इन प्रकरणों में अधिकतम तीन वर्ष के अन्तर्गत सजा सुनाने का प्राविधान है । भारतीय न्यायिक प्रक्रिया मे ये प्राविधान चालकों को पसन्द नही आ रहे है , चालकों का कहना है कि हर दुर्घटना में चालक ही जिम्मेदार नही होते अपितु , कभी -कभी पीड़ित भी जिम्मेदार होते है ऐसे मे इस कानून की समिक्षा होनी चाहिये , एकतरफा सजा का प्राविधान करना गलत है । इसी को देखते हुवे देश भर के चालकों में असन्तोष ब्याप्त हो गया है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published.