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बागेश्वर गरूड़ में समाज के बुद्धजीवी और समझदार तबके ने आगे आकर बंदरों आदि जंगली जानवरों से चौपट हो रही पर्वतीय आर्गेनिक खेती को बचाने की मुहीम का आरम्भ गरुड़ के प्रसिद्ध गांधी चबूतरे से किया .। अभियान का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता डी के जोशी ने बताया कि यह मुहिम आम जनता की मुहिम है आज जनता बन्दरों ल जंगली सुवरों से तंग आ गई है इस मुहिम मे सभी का सहयोग अपेक्षित है .।

गरु़ड़ के किसानों बुद्धिजीवियों जानवरों की समस्या को लेकर सभा के बाद एक बैठक का आयोजन किया । इस सभा में अभियान की आगे की रणनीति तय करने और उसके क्रियान्वयन हेतु कमेटी गठित करने का निर्णय किया गया। कल तक कमेटी का स्वरूप सबके सामने आने की संभावना है । इसके अतिरिक्त दिन प्रतिदिन की गतिविधि रिपोर्ट सार्वजनिक साझा की जाने की समझ बनी ।

मुहिम के नेतृत्व ने बन विभाग ल प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर बंदरों के आतंक से रोकथाम के प्रयास ज़िम्मेदार विभाग द्वारा नहीं किए गए तो आगामी 10 फ़रवरी को विशाल जनसमूह बैजनाथ में एकत्रित होगा ।जिसके लिए २४ जनवरी से ही घर घर जन संपर्क अभियान प्रारंभ कर दिया जाएगा।

मुहिम में शामिल लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया । इॊ कार्य में दरशानी गांव की महिला मंडल के सहयोग की सराहना की गयी .।ग्राम प्रधान शभोलादत पाण्डेय और महिला वार्ड मेम्बरो के अनमोल सहयोग योगदान से भी इस मुहीम को बल मिला है ।

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