Loading

अल्मोड़ा, 7 नवंबर नाबार्ड के ज़िला विकास प्रबंधक गिरीश पंत द्वारा आज डीएलआरसी बैठक में सभी को १ अक्टूबर से ३१ दिसंबर तक चलने वाले घर घर केसीसी अभियान के बारे में बताया गया जिसमें प्रत्येक शाखा प्रबंधक को पीएमएफ़बीवाई पोर्टल में बने केसीसी अभियान टैब में दर्शाये गये सभी पीएम किसान लाभार्थियों को केसीसी से संतृप्त करना है।

उन्होंने कृषि अवसंरचना निधि एवम् कृषक उत्पादक संगठन (एफ़पीओ) योजनाओं के विषय में भी सभी को अवगत कराया गया।
साथ ही नाबार्ड द्वारा तीन प्रकाशनों का विमोचन किया गया:
१- पीएलपी 2024-25: इस पुस्तिका में नाबार्ड द्वारा ज़िले में प्राथमिकता क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 24-25 में ₹979.31 करोड़ की ऋण संभाव्यता का आँकलन किया गया है।
२- बकरी पालन पर राज्य स्तरीय ज़िला-वार बैंकिंग प्लान– अल्मोड़ा में अगले २ वर्षों में बकरी पालन क्षेत्र में ₹6.42करोड़ के ऋण प्रवाह की योजना बनायी गई है।
३- कृषि क्षेत्र की विभिन्न गतिविधियों हेतु निदर्शित इकाई लागतें– जो ज़िले के विभिन्न बैंकों को कृषि क्षेत्र में सावधि ऋण प्रदान करने में सुगमता प्रदान करेंगे ।

ज़िला विकास प्रबंधक द्वारा यह भी बताया गया कि पहली बार अल्मोड़ा ज़िला सहकारी बैंक को नाबार्ड द्वारा सीधी पुनर्वित्त सहायता (डीआरए) के अन्तर्गत ₹40 करोड़ संस्तुत किए गये हैं। साथ ही नुक्कड़ नाटक, वित्तीय साक्षरता शिविर लगाने हेतु भी अनुदान ज़िला सहकारी बैंक के साथ साथ उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक को भी दिया गया है। एसबीआई RSETI अल्मोड़ा को भी हाल ही में विभिन्न प्रशिक्षण उपकरण की ख़रीद हेतु ₹4.5 लाख की सहायता नाबार्ड द्वारा उपलब्ध करायी गई है।

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.