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अल्मोडा सोसायटी फॉर एक्शन थ्रू म्यूजिक व संगीत नायक पंडित दरगाही मिश्र संगीत अकादमी गुरुग्राम के तत्वावधान में इन्डिया हैबिटेट सेंटर नई दिल्ली मे आयोजित घुंघरू नृत्योत्सव में उत्तराखंड से वेदांती जोशी कथक नृत्य की एकल प्रस्तुति के लिए आमंत्रित किया गया।घुंघरू नृत्योत्सव में कथक नृत्य के ख्यातिलब्ध कलाकारों के बीच वेदांती जोशी ने अपनी प्रस्तुति दी । इस कार्यक्रम में वेदांती को
नृत्य मणि सम्मान से सम्मानित किया गया।
देश के जाने-माने कला समीक्षक पं विजय शंकर मिश्र वरिष्ठतम् कथक नृत्यांगना मंजूश्री चटर्जी (शंभू महाराज की शिष्या) ने शाल व सम्मान पत्र प्रदान कर वेदांती को सम्मानित किया।
वेदांती जोशी को कथक नृत्य के सुंदर प्रदर्शन के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है जिनमें उत्तराखंड सरकार का उत्तराखंड की बेटी सम्मान , हरियाणा से संगीत पुरुषोत्तम अवार्ड, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से किशोर संगीत कला शिरोमणी अवॉर्ड आदि प्रमुख है।
वेदांती जोशी देश के कई प्रतिष्ठित मंचों व दूरदर्शन पर अपनी एकल नृत्य प्रस्तुति दे चुकी है।
कोरोना काल में अपनी नृत्य विधा के माध्यम से जन जागृति फैलाने का कार्य किया। इन ऑनलाइन प्रस्तुतियो का प्रसारण राष्ट्रीय चैनलो से भी हुआ।
नैनीताल में जन्मी कथक नृत्यांगना वेदांती के माता पिता अल्ोडा तल्ला दन्या के मूल निवासी है वेदान्ती की पढ़ाई सेंट मैरी नैनीताल, सेंट थेरेसा और निर्मला कान्वेंट से हुई। नृत्य व संगीत की रुचि बचपन से रही । 5 वर्ष की उम्र से अपनी मां डॉ दीपा जोशी से कथक नृत्य की विधिवत् शिक्षा की शुरुआत हुई । कथक नृत्य में तथा शास्त्रीय संगीत गायन में भातखंडे हिंदुस्तानी संगीत महाविद्यालय से विशारद की उपाधि प्राप्त की है।10 वर्ष की उम्र से संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की ओर से स्कॉलरशिप प्रदान की गई जो कि वर्ष 2022 तक जारी रही। दिल्ली विश्वविद्यालय में आप स्पीक मैके की कल्चर सेक्रेटरी भी रह चुकी हैं।
कला जगत से जुड़े लोगों ने नृत्य मणि से सम्मान मिलने पर बधाई दी।

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