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अल्मोड़ा 12 दिसंबर आज यहां राज्य आंदोलनकारियों ने अपनी दूसरी समस्या के समाधान हेतु मुख्यमंत्री उत्तराखंड को पत्र लिखते हुए राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को शीघ्र पैंशन देने तथा पुत्र पुत्री को भी आश्रित मानने की मांग है पत्र में कहा गया है कि, मुख्यमंत्री जी ने खटीमा गोलीकांड की बरसी पर 1 सितंबर 2021को घोषणा की थी कि उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को भी पैंशन दी जायेगी किंतु 2वर्ष बाद भी पैंशन देना प्रारंभ नहीं किया गया है , प्राप्त जानकारी के अनुसार आश्रित के रूप में पैंशन केवल पति पत्नी को ही दी जायेगी।पैंशन स्वीकृत होने से पूर्व पति पत्नी दोनों की मृत्यु हो चुकी हो उस स्थिति में क्या होगा स्पष्ट यह स्पष्ट नहीं किया जा रहा है जिससे भ्रम की स्थिति बनी हुई है राज्य आंदोलनकारियों के संबंध में की गयी घोषणा को लागू करने में कई वर्षों का बिलंब,आधे अधूरे शासनादेश सरकार की राज्य आंदोलनकारियों की उपेक्षा का एक और उदाहरण है सरकार की इस हीला हवाली के चलते बिगत दो वर्ष में अनेक आश्रितों की भी मृत्यु हो चुकी है इसलिए राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को घोषणा की तिथि से ही पैंशन स्वीकृत करते हुए एरियर सहित शीघ्र पैंशन दिये जाने, राज्य आंदोलनकारी के आश्रित माने गये पति पत्नी में दोनों की मृत्यु होने की स्थिति में पुत्र पुत्री को पैशन देने का स्पष्ट शासनादेश शीघ्र जारी किया जाय पत्र में ब्रह्मा नन्द डालाकोटी,महेश परिहार शिवराज बनौला, महेश पांडे आदि ने हस्ताक्षर किए हैं।

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