Loading

इन दिनों पत्रकारिता पर तमाम तरह के सवाल उठ रहे है , देश मे राम मन्दिर प्राण प्रतिष्ठा संारोह की तारिखे ज्यों -ज्यों नजदिक आ रही है त्यों -त्यों राजनीति व शास्त्रनीति के जानकार लोग अपना अपना पक्ष जनता के बीच मे रख रहे है , इस सब मे पत्रकारिता की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है । शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द का पत्रकारिता पर सवाल उठाते हुवे एक बीडियो तेजी से वाईरल हो रहा है जिसंें खचाखच भरे एक पत्रकार वार्ता मे शंकपाचार्य ने बर्तमान दौर के कुछ पक्रकारों पर तीखे सवाल दागते हुवे कहा है कि पत्रकारिता का धर्म है कि वह सीसे की तरह सच को सच व झूठ को झूठ कहे व लिखे शंकपातार्य ने कहा कि पत्रकारिता करने का यह अर्थ नही है कि वह काल्पनिकता के आधार पर किसी का चरित्र हनन कर दें लिखने व बोलने के साथ ही सबूत के साथ तत्थ्य कहे जाने चाहिये ,। यद्यपि वे उस आरोप से नाराज थे दिसंे एक संातार पत्र ने उन पर आरोप लगाया कि वह पैसे लेकर चुप हो जाते है , । पर उनका कथन अमर्यादित नही कहा जा सकता ,

Author

Leave a Reply

Your email address will not be published.