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अल्मोड़ा -26 मई -आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में उत्तराखंड क्रांति दल के जिलाध्यक्ष व पूर्व उपाध्यक्ष ब्रह्मानन्द डालाकोटी ने सरकार की नई खाद्यान्न नीति को जनविरोधी बताते हुए सबके लिए सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों के द्वार खुले रखने की मांग करते हुए कहा है कि भले ही सरकार गरीबी रेखा से नीचे तथा अंत्योदय परिवारों को फ़्री राशन या कम दरों पर राशन देती रहे पर जन सामान्य व मध्यम आय वर्ग के लिए भी लागत दर के आस पास सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से जरूरी सामान उपलब्ध कराने की ब्यवश्था सुनिश्चित करे । जन सामान्य व मध्यम आय वर्ग को पूरी भाति बाजार के हवाले कर देने से पहले से ही बाजार की महंगाई से त्रस्त इस वर्ग पर और अधिक बोझ पड़ेगा ।1950-60 के दशक में राशन व जरूरी सामान की जमाखोरी वह जरूरी सामान का कृत्रिम अभाव पैदा कर कीमतों में भारी कर मुनाफा कमाने की कुछ ब्यापारियों की पृबृत्ति से सबक लेते हुए तत्कालीन सरकार ने एक सुदृढ़ जनहितैषी सरकारी राशन वितरण प्रणाली का गठन व बिस्तार किया उसे नष्ट भ्रष्ट करना उचित नहीं भविष्य में बाजार में जरूरी सामान की जमाखोरी व कृत्रिम अभाव पैदा कर मुनाफाखोरी की पृबृति पर अंकुश रखने के लिए सरकार अपनी समानांतर राशन वितरण प्रणाली जारी रखे यही देश व जनता के हित में होगा।