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देहरादून 22 मई रविवार को देहरादून महानगर मे उत्तराखण्ड महिला मंच ने “संविधान और सामाजिक सद्भाव” पर संगोष्ठी आयोजित की इस जन संवाद में एडवोकेट , पत्रकार, सामाजिक कार्य-कर्ताओं सहित कई जन आंदोलनकारियो मे बढ़ चढ़ कर भाग लिया । कार्यक्रम में लोक विज्ञान संस्थान के डॉ रवि चोपड़ा , पूर्व आईएएस यस यस पांगती , महिला मन्च की संयोजिका कमला पंत , समर भंडारी , सहित जन सरोकारों की पैरवी करने वाले विद्वतजनों ने अपनी बात रखी तथा सामाजिक ताने बाने को कैसे मजबूत करने की पैरवी की समाज में फैले धर्म आधारित द्वेष को मिटाने पर विचार किया वक्काओं ने कहा कि कट्टर धर्मांधता देश और समाज के लिए हानिकारक होती है। परन्तु इस कट्टरता को केवल हिन्दू कट्टरता की दृष्टि से नहीं देखना चाहिए। सभी धर्मों की गलत चीजों या गलत प्रथाओं का विरोध होना चाहिए। समाज का विघटन करने वाले सभी धर्मों के लोगों की पहिचान होनी ही चाहिए। राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने वाले लोगों का भी विरोध होना चाहिए। हिंसा करने वाले , संबिधान को नहीं मानने वाले लोगों की पैरवी कतई नहीं करनी चाहिए।
इस जन संवाद में डॉ रवि चोपड़ा के “शांति समूह ” के गठन का विचार लोगों को काफी पसंद आया। यह शांति समूह लोगों में भाईचारे की भावना को जागृत करेगा। तय किया गया कि यह समुह संबिधान की महत्ता व आपसी सदभाव के महत्व को सभी धर्मो के लोगों को बताएगा।

कार्यक्रम मे अपमी बात रखके हुवे महिला मन्च की संयोजिका कमला पन्त ने कहा कि , धर्म आधारित हिंसा किसी भी देश के लिये अच्छा नही है , हमारे पड़ोसी देश , श्रीलंका , अफगानिस्तान पाकिस्तान इसके उदाहरण है । इन देशों ने धर्म के आधार पर भलेहि सासन कर लिया हो पर ये देश पतन के गर्त मे चले गये ।यदि अपना देश भी इसी राह पर चला तो इसमे राष्ट्र हित नही होगा । देश संविधान से चलता है हमे संविधान की रक्षा व देश के नागरिकों के बीच भाईचारे को मजबूत करना चाहिये ।