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अल्मोड़ा चिकित्सा व स्वास्थ मन्त्री धनसिंह रावत का अल्मोड़ा मेड़िकल कालेज का औचक निरिक्षण जरूर अपना असर छोड़ेगा । फिलहाल मेड़िकल कालेज जब तक संनेदनशील नही बनेगा तब तक इसका लाभ उन रोगियों को मिलेगा जो दूरस्थ क्षेत्रों से उपचार के लिये आ रहे है । मे़ड़िकल कालेज के चिकित्सकों की रोगियों से दूरी , टैस्ट रिुपोर्ट आने में देरी , दवाईयो का अभाव , बाजार से महंगी दवाईयो की खरीददारी बी पी एल कार्ड , व आयुष्मान कार्ड धारकों के प्रति ठगी जैसा बर्ताव है । अल्मोड़ा मेड़िकल कालेज बेस चिकित्सालय व मे़ड़िकल कालेज से मिलकर बनेहै दोनों ही एक दूसरे के बिना अधूरे है । ऱोगियों को जल्दी व त्वरित उपचार के साथ ही औषधियों का बितरण भी जरूरी है । आम लोगों की प्रतिक्रिया है कि चिकिक्सालयों को ज्यादा संवेदनशील बनाया जाय .।