103 total views

अल्मोड़ा , प्रकृति के सुकुमार कवि सुमित्रानन्दन पन्त को उनके पैत्रिक गांव स्यूनराकोट में एक समारोह आयोजित कर सुमित्रानन्दन पन्त स्मारक समिति द्वारा याद किया गया। इस अवसर पर आयोजित लोक गायक दिवान कनवाल व गोकुल बिष्ट की हुड़के की थाप ने माहौल को रंगीन बना दिया । भारतीय ज्ञानपीठ पिरुष्कार से सम्मानित छायावादी कवि सुमित्रानन्दन पन्त की यह 123 वीं जयन्ती थी ।
इस समारोह की मुख्य अतिथि बनाई गई हवालवाग क्षेत्र समिति अध्यक्ष बबिता भाकुनी ने कहा कि हमे अपमे विरासतों तथा महान बिभूतियों को हमेशा स्मरण करना चाहिये। बबीता भाकुनी मे कहा कि समिति यहां के विकास सम्बन्धी प्रस्ताव लाये ।उन्होने यहां के विकास के लिये दो लाख रुपये देने की घोषणा की । जिलाधिकारी की अनुपस्तिथि में उनके प्रतिनिधि को तौर पर गये जिला पर्यटन अधिकारी अमित लोहनी ने कहा कि समिति उनसे जो भी प्रस्ताव करेगी पर पर सम्यक विचार होगा , इस स्थल को पर्यटन के लिये उपयोगी बनाया जायेगा । इस अवसर पर पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश भाकुनी ने कहा कि वे सांसद निधि से मिले दो लाख रुपये से यहां कार्य कराने के विये प्रयत्नशील है ।
जिला पंचायत सदस्य महेश नयाल ने समिति को आस्वस्थ किया कि इस वर्ष गांव मे जिला योजना से पन्त स्मृति सम्पर्क मार्ग का निर्माण करा लिया जायेगा । इस अवसर पर एस एस जे विश्वविद्यालय की प्रवक्ता डा माया ने , पन्त के जीवन व साहित्य पर विस्तृत प्रकाश डा़ला , कथा उनकी कुमाऊमी कविता साक पहाड़ मे त्वे ज क्वे न्हा रे क्वे न्हां कविता का वाचन किया । इस अवसर पर बीणा चतुर्वेदी ,बीणा, शीला पन्त , विपिन चन्द्र जोशी ,कंचन तिवारी प्रफुल्ल पन्त ,त्रिभुवन गिरि महाराज पूनम पन्त आदि ने विचार ब्यक्त किये ।