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अल्मोड़ा 24 मई सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद की प्रथम बैठक कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई

कुलसचिव सुधीर बुढाकोटी ने सदन में विश्वविद्यालय के पारित किए जाने वाले प्रस्ताव को सविस्तार अध्यक्ष एवं सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय बहुत अच्छे ढंग से स्वरूप ले चुका है और आगे भी हम विश्वविद्यालय को बेहतर रूप देने की दिशा में कार्य करंगे।

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद की प्रथम बैठक सोबन सिंह जीना परिसर के केंद्रीय पुस्तकालय में माननीय कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
बैठक में सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की स्थापना होने पर उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय,अल्मोड़ा, सोबन सिंह जीना परिसर, पंडित बद्रीदत्त पांडे स्नातकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर, लक्ष्मण सिंह महर स्नातकोत्तर महाविद्यालय पिथौरागढ़ को मर्ज करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षिक परिषद द्वारा अवशोषित किया गया।
उत्तराखंड आवासीय विश्वविद्यालय,अल्मोड़ा के संचालित पाठ्यक्रम के बेहतर संचालन हेतु नए संकाय एवं संकाय के अधीन विभिन्न विभागों की स्थापना के प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर अनुमोदन किया गया।
सोबन सिंह जीना,परिसर के सभी संकाय को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के संकाय बनाये जाने पर प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर अनुमोदन किया गया।
सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा, पंडित बद्रीदत्त पाण्डे स्नातकोत्तर महाविद्यालय बागेश्वर एवं लक्ष्मण सिंह महर सनागकोत्तर महाविद्यालय लिथोरागढ़ के समस्त विभाग और विषयों को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा के संकायों के अधीन स्थापित किये जाने के प्रस्ताव पर अनुमोदन किया गया।
सोबन सिंह जीना परिसर अल्मोड़ा के पुस्तकालय को सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का पुस्तकालय बनाये जाने पर विचार विमर्श कर अनुमोदन किया गया।
परीक्षा समिति की समस्त बैठकों का कार्यवृत्त रखा गया।
शोध एवं प्रसार केंद्र के समस्त बैठकों के कार्यवृत्त का अनुमोदन किया गया।
अकादेमिक परिषद की बैठक में विश्वविद्यालय के समस्त संकायों की फेकल्टी बोर्ड के कार्यवृत्त का भी अनुमोदन किया गया।

कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के साथ कई संस्थानों ने शैक्षिक, शोध आदि गतिविधियों के संचालन के लिए एमओयू हस्ताक्षर किए गए हैं। अकादेमिक सदस्यों, रिसर्चरों के सहयोग से यह विश्वविद्यालय भारत के श्रेष्ठ विश्वविद्यालय बनने की दिशा में अग्रसर है। अब हमारे विश्वविद्यालय की गतिविधियां AIU के समक्ष पहुंच रही है। विश्वविद्यालय में एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटी की सदस्यता ले चुका है। खेल गतिविधियों का संचालन परिसर एवं महाविद्यालयों में किया गया है। नार्थ जॉन में प्रतिभाग कर विश्वविद्यालय का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है। महिला फुटबॉल प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी, स्वामी विवेकानंद शोध एवं अध्ययन केंद्र का संचालन, लीगल ऐड सेंटर का संचालन, लक्ष्मी देवी टम्टा सेंटर फॉर वीमेन स्टडीज एंड रिसर्च का संचालन, हरेला पीठ का संचालन,, योग साक्षरता का अभियान संचालित हो गया है, विधि संकाय द्वारा विधि साक्षरता अभियान का संचालन, विश्वविद्यालय का मीडिया एवं प्रसार विभाग विश्वविद्यालय की समस्त गतिविधियों का संचालन कर रहा है। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,लोहाघाट द्वारा प्री पीएचडी के प्रथम प्रश्नपत्र का ऑनलाइन मोड से संचालन किया है। उसके लिए महाविद्यालय की प्राचार्य एवं उनकी टीम की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि सभी सकारात्मक होकर एवं अपने विचार को विस्तृत कर विश्वविद्यालय को आगे ले जाने के लिए कार्य करें। साथ ही उन्होंने सभी सदस्यों का आभार जताया।
सदन के सदस्यों में प्रो अनिल जोशी प्रो एस.डी.शर्मा, प्रो. नीरज तिवारी,डॉ. हर्षिता जोशी, प्रो अनिल यादव, डॉ डी के उपाध्याय आदि ने सुझाव प्रस्तुत किये।
अंत में कुलसचिव श्री सुधीर बूढ़ाकोटी द्वारा अतिथियों, शिक्षकों,कर्मियों का आभार जताया।

कार्यक्रम से पूर्व संगीत की छात्रों ने सरस्वती गीत वंदना, स्वागत गीत का गायन किया।

सुधीर बूढ़ाकोटी (कुलसचिव) डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट (विशेष कार्याधिकारी), हेमेंद्र प्रकाश गंगवार ( वित्त अधिकारी),प्रो. सुशील कुमार जोशी (परीक्षा नियंत्रक), प्रो.प्रवीण बिष्ट (अधिष्ठाता प्रशासन), प्रो. इला साह (अधिष्ठाता छात्र कल्याण), प्रो. शेखर चन्द्र जोशी (अधिष्ठाता शैक्षिक), प्रो. जी. सी. साह (अधिष्ठाता, परीक्षा), प्रो. अनिल कुमार जोशी (संकायाध्यक्ष,कला), प्रो. जया उप्रेती (संकायाध्यक्ष,विज्ञान), प्रो. के. सी. जोशी (संकायाध्यक्ष,वाणिज्य), प्रो. अमित कुमार पंत (संकायाध्यक्ष,विधि), प्रो.भीमा मनराल (संकायाध्यक्ष,शिक्षा), प्रो.सोनू द्विवेदी (संकायाध्यक्ष,दृश्यकला) सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ शिक्षक, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए।