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अल्मोड़ा 21 मई अंतरराष्ट्रीय संग्रहालय सप्ताह के अवसर पर इतिहास संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में माननीय कुलपति प्रोफेसर एन0 एस0 भंडारी जी ने संग्रहालय का भ्रमण किया। संग्रहालय प्रभारी डॉ सी0पी0 फुलोरिया द्वारा संग्रहित पुरातात्विक सामग्री के विषय में विस्तार से जानकारी दी गयी।
इसके पश्चात् इतिहास विभाग में हुई संगोष्ठी में संग्रहालय के इतिहास, महत्त्व एवं प्रासंगिकता विषय पर व्याख्यान दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो0 एन0 एस0 भंडारी, माननीय कुलपति, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा, ने अपने व्याख्यान में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पुरातात्त्विक सामग्री एवम इसके संरक्षण हेतु प्रयास करने का आह्वाहन किया। इसके बाद अपने उद्बोधन में प्रोफेसर वी0 डी0 एस0 नेगी ने बताया कि इतिहास संस्कृति एवम पुरातत्त्व विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा का संग्रहालय अत्यंत समृद्ध है। जिसमें 4000 वर्ष पूर्व की पाषाण युगीन से लेकर आधुनिक उत्तराखंड की लोक संस्कृति की सामग्री को संग्रहित किया गया। जिसमें प्रोफेसर एम0 पी0 जोशी का महत्वपूर्ण योगदान है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रोफेसर अनिल कुमार जोशी ने विभाग द्वारा पुरातात्विक सामग्री के संरक्षण को लेकर विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला। ज्ञातव्य है कि प्रोफेसर अनिल कुमार जोशी के व्यक्तिगत प्रयासों से अनेक ऐतिहासिक एवम पुरातात्त्विक सामग्री को संरक्षित किया गया है। अंत में कार्यक्रम का संचालन कर रहे डॉक्टर सी0 पी0 फुलोरिया ने सभी अतिथियों एवम उपस्थित लोगों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस कार्यक्रम में प्रोफ़ेसर प्रवीण बिष्ट, अधिष्ठाता प्रशासन, प्रो0 इला बिष्ट प्रोफेसर, प्रोफेसर हरीश जोशी, प्रो0 अरशद हुसैन, प्रो0 एस0 ए0 हामिद, प्रेमा खाती, डॉ0 लक्ष्मी वर्मा, रवि कुमार, चंदन जीना, जीवन भट्ट, डॉ गोकुल देउपा, पूजा बिष्ट, रविन्द्र पाठक, दीपा भंडारी, शोभा आर्या के साथ स्नातक एवम स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी उपस्थित थे।